अभ्यर्थी कार्यालय काउंटर पर निर्धारित शुल्क 100 रुपये देकर प्रवेश फार्म प्राप्त कर सकते हैं। सभी अभ्यर्थी आवेदन पत्र भरने से पूर्व विवरणिका का भली-भांति अध्ययन कर लें तथा उसके अनुसार ही आवेदन पत्र भरें। महाविद्यालय में विद्यार्थियों का प्रवेश उनकी अर्जित योग्यता/उत्तर प्रदेश सरकार एवं विश्वविद्यालय द्वारा निर्धारित मानक के अनुसार किया जाएगा। प्रवेश हेतु गठित प्रवेश समिति का निर्णय अंतिम होगा। विद्यार्थी अपनी योग्यता एवं उपलब्ध सीटों की संख्या के अनुसार विषयों का चयन करें। पूर्ण रूप से भरे गए एवं आवश्यक प्रमाण-पत्रों के साथ आवेदन पत्र ही स्वीकार किए जाएंगे, अधूरे आवेदन पत्र स्वीकार नहीं किए जाएंगे।
विद्यार्थी नियमित रूप से कक्षाओं में उपस्थित होकर अध्ययन करेंगे। विश्वविद्यालय के निर्देशानुसार यदि उपस्थिति 75% से कम होगी तो उन्हें परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी जाएगी तथा शिक्षण कार्य दिवसों की कुल संख्या कम से कम 180 दिन होगी। कम उपस्थिति होने पर विश्वविद्यालय नियमानुसार परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
| क्र.सं. | पाठ्यक्रम का नाम | प्रथम वर्ष (I&II सेमेस्टर) (नियमित शुल्क रु. 500/- के साथ) | द्वितीय वर्ष (तृतीय एवं चतुर्थ सेमेस्टर) | तृतीय वर्ष (V&VI सेमेस्टर) |
| 01 | स्नातक कला संकाय (बी0ए0) |
2500/- | 2500/- | 2500/- |
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग को उच्च शिक्षा संस्थानों द्वारा प्रवेश रद्द करने/वापस लेने पर फीस वापस न करने के संबंध में विद्यार्थियों/अभिभावकों से अनेक अभ्यावेदन/शिकायतें प्राप्त होती हैं।
| वर्ग | फीस वापसी का % | वह समय जब उच्च शिक्षा संस्थान में प्रवेश वापसी की सूचना प्राप्त होती है। |
| (1) | 100% | प्रवेश की औपचारिक रूप से अधिसूचित अंतिम तिथि से 15 दिन या उससे अधिक पूर्व। |
| (2) | 90% | प्रवेश की औपचारिक रूप से अधिसूचित अंतिम तिथि से 15 दिन से कम समय पहले। |
| (3) | 80% | प्रवेश की औपचारिक रूप से अधिसूचित अंतिम तिथि के 15 दिन या उससे कम समय बाद। |
| (4) | 50% | प्रवेश की औपचारिक रूप से अधिसूचित अंतिम तिथि के 30 दिन या उससे कम, किन्तु 15 दिन से अधिक नहीं। |
| (5) | 00% | प्रवेश की औपचारिक रूप से अधिसूचित अंतिम तिथि के 30 दिन से अधिक समय बाद। |
स्नातक प्रवेश सम्बन्धी नियम
1. महाविद्यालय में प्रवेश प्रक्रिया शैक्षिक सत्र जून -जुलाई से प्रारम्भ हो जाती है जो 31 जुलाई तक पूर्ण कर ली जाती है, स्नातक प्रथम वर्ष की कक्षाओं में इस तिथि के बाद प्रवेश देय नही होगी।
2. प्रवेशार्थी को इंटरमीडिएट परीक्षा में कम से कम निम्नलिखित अंक अर्जित करना अनिवार्य है । (अ) बी०ए० प्रथम वर्ष में प्रवेश के लिए न्यूनतम 45% अंक
इस बात का सदैव ख्याल रखा जाता है कि छात्राओं के साथ किसी भी प्रकार का भेद-भाव न हो। परिसर रैगिंग से पूरी तरह मुक्त है। परिसर को साफ-सुथरा और हरा-भरा रखने में प्राचार्य-प्राध्यापकों की प्रेरणा और कर्मचारियों की मुस्तैदी यहाँ देखी जा सकती है।विभिन्न अवसरों पर छात्राओं की सहायता से स्वच्छता और वृक्षारोपण के कार्यक्रम आयोजित कराए जाते रहे हैं। गाँव की छात्राएँ तेजी से आगे बढ़ रही हैं।
प्रवेश के समय वांछित सामग्री:
योग्यता की सूची में नाम आ जाने पर प्रवेशार्थी निम्नलिखित सामग्री तथा प्रमाण पत्रों के मूल प्रति लेकर अपने माता-पिता/अभिभावक के साथ निर्धारित तिथि तथा समय पर महाविद्यालय में उपस्थित हो।कक्षाओं में उपस्थिति :
उ०प्र० शासन एवं निदेशक (उच्च शिक्षा) उ०प्र० एवं कुलपति विश्वविद्यालय के आदेशानुपालन में प्रत्येक विभागों की कक्षाओं में विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति अनिवार्य है । 75% से कम उपस्थिति वाले छात्रा की शासकीय सहायता (छात्रवृत्ति, शुल्क मुक्ति, निर्धन छात्रा सहायता कोष, बुक बैंक) एवं अन्य सहायता पर रोक के साथ विश्वविद्यालय परीक्षा से भी वंचित कर दिया जाएगा ।यह महाविद्यालय मेरठ स्थित सीसीएस विश्वविद्यालय से संबद्ध और भारत सरकार के एनसीटीई (एनसीटीई) द्वारा विधिवत अनुमोदित 2 वर्षीय पूर्णकालिक डिग्री पाठ्यक्रम प्रदान करता है, जो भारत में संपूर्ण शिक्षक शिक्षा कार्यक्रमों के संचालन और विनियमन के लिए सर्वोच्च निकाय है।
यह पाठ्यक्रम भावी शिक्षकों को माध्यमिक शिक्षा की प्रकृति, उद्देश्य और दर्शन को समझने और विशिष्ट शिक्षण विधियों, पाठ्यक्रम विकास और उसके सतत मूल्यांकन से संबंधित दक्षताओं को प्राप्त करने में सक्षम बनाता है, ताकि माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों के छात्रों में रचनात्मक सोच विकसित की जा सके। बी.एड. पाठ्यक्रम का उद्देश्य शैक्षिक संसाधनों के रूप में सामुदायिक संसाधनों का विकास, उपयोग और विश्लेषण करना भी है।
प्रवेश केवल उत्तर प्रदेश राज्य विश्वविद्यालयों द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय सामान्य प्रवेश परीक्षा (यूपी बी.एड. जेईई) के माध्यम से ही होगा।